Latest Posts:
Category

Senti Status Quotes

Category
लड़कियाँ अपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ। अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ। घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ। नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ। प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ। सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार होती हैं लड़कियाँ। ईश्वर की अनुपम वरदान व सृष्टि की पालनहार होती हैं लड़कियाँ। -Savita Barnwal

लड़कियाँ अपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ। अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ। घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ। नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ। प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ। सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार होती हैं लड़कियाँ। ईश्वर की अनुपम वरदान व सृष्टि की पालनहार होती हैं लड़कियाँ। -Savita Barnwal

लड़कियाँअपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ।अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ।घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ।नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ।प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ।सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार

जिंदगी तुझको भी आजमा के देख लिया। तू भी बेवफा निकली किसी बेवफा की तरह। ‘पुष्पक’ ने बेइंतहा टूट कर, चाहा था तुम्हें। पर तू भी मुक़मल हुई, सिर्फ एक सज़ा की तरह॥

जिंदगी तुझको भी आजमा के देख लिया।तू भी बेवफा निकली किसी बेवफा की तरह।'पुष्पक' ने बेइंतहा टूट कर, चाहा था तुम्हें।पर तू भी मुक़मल हुई, सिर्फ एक सज़ा की तरह॥
याद का दीपक जलता है जब आसानी से जो मिलता है, तो कौन उसे पूछता है। न मिले तो खोजता है। बचपन के दिन थे, बातें सुहानी थी। मेरे बाबा मेरे साथ थे, पर मुझमे वो बात न थी। जो उनने दिखाना चाहा, मैं देख न पायी। बालमन का चंचल पंछी, खेलने को दौड़ पड़ी। यादों का दीपक अक्सर, मेरे मन में जलता है, जो आसानी से मिल जाये उसे कोण पूछता है। काश वो दिन आ जाये, जो बाबा मेरे पास हो, अज्ञान का तिमिर हटाने को, चेतना का प्रकाश हो। अतीत की सुनी राहों में मन सुकून को ललचता है। बाबा की बातें याद कर, यादों का दीपक जलता है। सविता की कलम से

याद का दीपक जलता है जब आसानी से जो मिलता है, तो कौन उसे पूछता है। न मिले तो खोजता है। बचपन के दिन थे, बातें सुहानी थी। मेरे बाबा मेरे साथ थे, पर मुझमे वो बात न थी। जो उनने दिखाना चाहा, मैं देख न पायी। बालमन का चंचल पंछी, खेलने को दौड़ पड़ी। यादों का दीपक अक्सर, मेरे मन में जलता है, जो आसानी से मिल जाये उसे कोण पूछता है। काश वो दिन आ जाये, जो बाबा मेरे पास हो, अज्ञान का तिमिर हटाने को, चेतना का प्रकाश हो। अतीत की सुनी राहों में मन सुकून को ललचता है। बाबा की बातें याद कर, यादों का दीपक जलता है। सविता की कलम से

याद का दीपक जलता हैजब आसानी से जो मिलता है, तो कौन उसे पूछता है।न मिले तो खोजता है।बचपन के दिन थे, बातें सुहानी थी।मेरे बाबा मेरे साथ थे, पर मुझमे वो बात न थी।जो उनने दिखाना चाहा, मैं देख न पायी।बालमन का चंचल पंछी, खेलने को दौड़ पड़ी।यादों का दीपक अक्सर, मेरे मन में