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सच का दामन थम के रखो सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप जाके ह्रदय सांच है, ताके ह्रदय आप। बात बन जाएगी देखो, सच का दामन थम के रखो। सच कड़वा होता जरूर है, बात बन जाएगी कहकर तो देखो। इरादे नेक और मन में धैर्य रखो, जीत तेरी होगी ये मान के रखो। झूठ हार सकता है सत्य नहीं, ये बात सदा गांठ बांधकर रखो। झूठ कभी टिकता नहीं, सत्य कभी झुकता नहीं, ये भी मानकर रखो। गर्त में गिरा जा रहा है बुलंदियों का जहां, सच का दामन जो थामकर चाट पाते नहीं। झूठ से जुड़कर नाम कमा लोगे जरूर, झूठ से जुड़कर शान कमा लोगे जरूर, लेकिन खुद से कभी न भाग पाओगे, इतना तुम ज्ञान में रखो। रोज आएँगी चुनौतियां ये मानकर रखो जीत होगी देर सबेर जरूर एक दिन, तू सच का दामन थाम कर रखो। -सविता बर्णवाल

सच का दामन थम के रखो सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप जाके ह्रदय सांच है, ताके ह्रदय आप। बात बन जाएगी देखो, सच का दामन थम के रखो। सच कड़वा होता जरूर है, बात बन जाएगी कहकर तो देखो। इरादे नेक और मन में धैर्य रखो, जीत तेरी होगी ये मान के रखो। झूठ हार सकता है सत्य नहीं, ये बात सदा गांठ बांधकर रखो। झूठ कभी टिकता नहीं, सत्य कभी झुकता नहीं, ये भी मानकर रखो। गर्त में गिरा जा रहा है बुलंदियों का जहां, सच का दामन जो थामकर चाट पाते नहीं। झूठ से जुड़कर नाम कमा लोगे जरूर, झूठ से जुड़कर शान कमा लोगे जरूर, लेकिन खुद से कभी न भाग पाओगे, इतना तुम ज्ञान में रखो। रोज आएँगी चुनौतियां ये मानकर रखो जीत होगी देर सबेर जरूर एक दिन, तू सच का दामन थाम कर रखो। -सविता बर्णवाल

सच का दामन थम के रखोसांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पापजाके ह्रदय सांच है, ताके ह्रदय आप।बात बन जाएगी देखो, सच का दामन थम के रखो।सच कड़वा होता जरूर है, बात बन जाएगी कहकर तो देखो।इरादे नेक और मन में धैर्य रखो, जीत तेरी होगी ये मान के रखो।झूठ हार सकता है सत्य नहीं,
हे मातृभूमि हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है। है चरण वंदना तेरी मां, तू ही तो जीवन दर्पण है। तेरी मिट्टी-पानी में, हम फलते है फूलते हैं। तुममे उगते हैं, तुममे ही बुझते हैं। तन मन धन समग्र मेरा, तुमको ही अर्पण है। हे मातृभूमि ! हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है। पुष्पक दिल से...

हे मातृभूमि हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है। है चरण वंदना तेरी मां, तू ही तो जीवन दर्पण है। तेरी मिट्टी-पानी में, हम फलते है फूलते हैं। तुममे उगते हैं, तुममे ही बुझते हैं। तन मन धन समग्र मेरा, तुमको ही अर्पण है। हे मातृभूमि ! हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है। पुष्पक दिल से…

हे मातृभूमि हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है।है चरण वंदना तेरी मां, तू ही तो जीवन दर्पण है।तेरी मिट्टी-पानी में, हम फलते है फूलते हैं।तुममे उगते हैं, तुममे ही बुझते हैं।तन मन धन समग्र मेरा, तुमको ही अर्पण है।हे मातृभूमि ! हे भारत मां, तुमको ही सब समर्पण है।पुष्पक दिल से...
लड़कियाँ अपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ। अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ। घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ। नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ। प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ। सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार होती हैं लड़कियाँ। ईश्वर की अनुपम वरदान व सृष्टि की पालनहार होती हैं लड़कियाँ। -Savita Barnwal

लड़कियाँ अपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ। अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ। घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ। नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ। प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ। सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार होती हैं लड़कियाँ। ईश्वर की अनुपम वरदान व सृष्टि की पालनहार होती हैं लड़कियाँ। -Savita Barnwal

लड़कियाँअपनी माँ की आन बान शान होती है लड़कियाँ।अपने पिता का अभिमान व भाई का गुमान होती है लड़कियाँ।घर की रौनक, त्याग व शक्ति की पैगाम होती हैं लड़कियाँ।नन्हीं सी कली, खूबसूरत संसार होती हैं लड़कियाँ।प्यार से देखो तो श्रृंगार, गलत नज़र से देखो तो अंगार भी होती हैं लड़कियाँ।सरलता की मूरतव जटिलता की किरदार